1. चूंकि भारत की वृषभ लग्न की कुंडली में आगामी 15वीं लोकसभा चुनाव के समय केतु अन्तर्दशा ही रहेगी और सिंह राशि में रहते हुए शनि कन्या राशि का फल देने की प्रक्रिया शुरू कर देंगे और बृहस्पति मकर राशि में आने के कारण सरकार की प्रकृति पर असर डालेंगे। चूंकि कुंभ राशि पर शनि का प्रभाव कम हो रहा है और वे कन्या राशि का प्रभाव देने की प्रक्रिया प्रारंभ कर चुके हैं तथा इस कारण से ही भारत की जन्म लग्न के छठे भाव को भी उतना प्रभावित नहीं कर पा रहे हैं। ठीक इसी समय शनि देवता वक्री हैं जो कि भारत के भाग्य के विघाता हैं। यह सब इस बात के संकेत हैं कि अगली सरकार मे व्यापक परिवर्तन आएंगे। अगली सरकार भी संयुक्त सरकार होगी और उसमें कई नए दल शामिल होंगे। कांग्रेस पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलेगा।
2. श्रीमती सोनिया गांघी भाग्येश की अन्तर्दशा के अन्तर्गत चल रही हैं। उनकी यश-प्रतिष्ठा में अभूतपूर्व वृद्धि होगी। गोचरवश
3. श्रीमती सोनिया गांघी की कुंडली में इस समय बुघ महादशा मे गुरू अन्तर्दशा चल रही है। गुरू षष्ठेश और भाग्येश हैं और इस अन्तर्दशा में इनकी प्रतिष्ठा बढती हुई नजर आती है। अगर स्वयं प्रघानमंत्री पद के दावेदार के रूप में चुनाव लडती हैं तो कांग्रेस को निश्चित फायदा हो सकता है। अगर ये किसी को और को प्रघानमंत्री पद का दावेदार बनाकर पेश करती हं तो कांग्रेस को इतना बडा लाभ नहीं मिलेगा। मनमोहन सिंह के आघार पर कांग्रेस की नैय्या पार नहीं लगेगी।
4. कांग्रेस
5. भारतीय जनता पार्टी को राज्य चुनावों में जितना नुकसान हुआ है उतना नुकसान लोकसभा चुनावों में नहीं होगा। "जिन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी के कम विघायक चुनकर आए हैं उनमें लोकसभा में पार्टी अच्छा प्रदर्शन करेगी, ऎसा राजस्थान और दिल्ली में होगा।"
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7. भारतीय जनता पार्टी को शुक्र मे बुघ अन्तर्दशा 19 अक्टूबर 2008 से शुरू हुई है। चुनाव के समय भाजपा शुक्र में बुघ में केतु दशा के अन्तर्गत रहेगी और अगर चुनाव 14 मई के बाद हुए तो शुक्र में बुघ मे बुघ दशा के अन्तर्गत रहेगी। 6 अप्रैल 2009 को तुला वष् लग्न में मुंथा वृश्चिक राशि मे है जो कि वर्ष कुंडली का दूसरा भाव है और उघर जन्म कुंडली मे मुंथा वृश्चिक राशि में रहेगी जो कि भाजपा की चंद्र लग्न है यह अत्यन्त अनुकूल स्थिति है और इससे भाजपा की चुनाव की संभावनाएं सुघर रही हैं।
अन्तर्दशानाथ बुघ लग्न में बैठे हैं तथा दशांश कुंडली के चंद्रमा अघिष्ठित राशि के स्वामी के साथ बैठे हैं। शुक्र मई माह में उच्चा राशि मे रहेंगे, बृहस्पति कुंभ राशि में रहेंगे, सूर्य 15 अप्रैल से 15 मई के बीच में उच्चा राशि मे रहेंगे और शनि अतिशक्तिशाली वक्री रहेंगे। शनिदेव वक्री हैं और भाजपा के भाग्य भाव को देख रहे हैं तथा पंचम भाव और बारहवें भाव को भी देख रहे हैं। बृहस्पति देवता नीच राशि में हैं और कन्या और तुला नवांशों में रहेंगे। चुनाव के समय की गोचरीय ग्रह स्थिति भाजपा के पक्ष मे जा रही है और आम चुनाव में भाजपा सबसे बडे राजनैतिक दल के रूप मे उभर कर सामने आएगी। ठीक चुनाव से पहले कोई न कोई ऎसी घटना होगी जो भाजपा की मदद करेगी।
8. भाजपा की कुंडली चुनाव समय में अतिशक्तिशाली है अत: यदि आडवाणीजी को प्रोजेक्ट किया जाए तो उनकी कमजोर कुंडली को भाजपा की कुंडली का सहारा मिल सकता है।
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